समाजवादी अर्थव्यवस्था क्या है | समाजवाद के लक्षण, लाभ और हानि | Socialist Economy in Hindi


समाजवाद की परिभाषा (Definition) :

समाजवाद इस प्रकार की प्रणाली होती है जिसमें कि देश की अर्थव्यवस्था पर सरकार का नियन्त्रण होता है तथा सरकार समाज की भलाई के लिए व लोगों को अवसरों की समानता प्रदान करने के लिए कार्य करती है.

(Socialism is kind of system under which the economic system of the country is controlled and regulated by the government so as to ensure welfare and equality or opportunity to the people in a society.)

चीन, वियतनाम आदि देशों की अर्थव्यवस्थाएँ समाजवादी अर्थव्यवस्थाएँ है इस तरह की अर्थव्यवस्थाओं में निजी सम्पति को समाप्त कर दिया जाता है उसकी एक बुनियादी प्रतिज्ञा यह होती है कि सम्पदा का उत्पादन और वितरण समाज या राज्य के हाथों में होना चाहिए। राजनीति के आधुनिक अर्थों में समाजवाद को पूँजीवाद या मुक्त बाजार के सिद्धांत के विपरीत देखा जाता है।

समाजवाद का इतिहास :

समाजवादी अर्थव्यवस्था की विचारधारा कार्ल मार्क्स (Karl Marx) तथा फ्रेड्रिक एन्जेलस (Fredric Engles) ने सन् 1848 के अपने प्रकाशन “कम्युनिस्ट मैनिफेस्टो ( The Communist Manifesto) में प्रस्तुत की थी
1917 की रूस की क्रांति (Russian Revolution of 1917) के साथ ही दुनिया में सबसे पहले रूस में इस प्रणाली को अपनाया गया परन्तु बाद में इस प्रणाली को समाप्त कर दिया

समाजवाद के लक्षण (Main Features of Socialism) :

      • सामाजिक कल्याण (Social Welfare)

      • आर्थिक नियोजन (Economic Planning)

      • प्रतियोगिता का अभाव (Lack of Competition)

      • सामाजिक स्वामित्व (Social Ownership)

      • सिमित निजी क्षेत्र (Limited Private Sector)

      • सरकारी नियंत्रण (Government Control)

समाजवाद के लाभ (Merits of Socialism) :


      • समस्याओं का बेहतर समाधान (Better Solution of Problems)

      • बिना जरूरत के विज्ञापनों का न होना (No Wasteful Advertismenets)

      • संतुलित आर्थिक विकास (Balanced Ecoonomic Development)

      • आर्थिक संकटों के समाधान के लिए अधिक उपयुक्त (Better Equipped for Economic Crisis)

      • आर्थिक उतार-चढाव का न होना (No Economic Fluctuation)

      • श्रम का शोषण नही होता (No Exploitation of Labour)

      • आय का समान वितरण (Equitable Distribution of Income)

समाजवाद के दोष (Demerits of Socialism) :

      • उपभोक्ता की प्रभुसत्ता की समाप्ति (End of Consumer's Soveeignty)

      • व्यक्तिगत उत्पादन का कोई महत्त्व नही (No Importance to Personal Productivity)

      • योजना के ठीक चलान में कठिनाइयां (Difficulties in the Right Implementation of the Plan)

      • स्वतंत्रता का अभाव (Lack of Freedom)

      • प्रेरणा की कमी (Less Initiative)
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